विधानम् [वि+धा+ ल्युट्]
1. क्रम से रखना, व्यवस्था करना
2. अनुष्ठान, निर्माण, करण,–कार्यान्वयननेपथ्यविधानम् – श० १, आज्ञा° यज्ञ° आदि
3. सृष्टि, रचना – रघु० ६।११, ७।१४, कु० ७।६६
4. नियोजन, उपयोग, प्रयोग प्रतिकारविधानम् –रघु० ८।४०
5. नियत करना, विहित करना, आदेश देना
6. नियम, उपदेश, अध्यादेश, धार्मिक नियम. या विधि, निषेध–मनु० ९।१४८, भग० १६।२४, १७।२४
7. ढंग, रीति
8. साधन या तरकीब
9. हाथियों का आहार (जो उन्हें मदोन्मत्त करने के लिए दिया जाता है) विधानसंपादितदानशोभितैः –का०. (यहाँ 'विधान' का अर्थ 'नियम' भी है) शि० ५।५१
10. धन दौलत
11. पीड़ा, वेदना, सन्ताप, दुःख
12. शत्रुता का कार्य ।
समस्त पद
~गः, ~ज्ञः
बुद्धिमान् या विद्वान् पुरुष,
~युक्त
(वि०) वेदविधि के अनुरूप, या अनुकूल ।
विधानम् [विधा+ल्युट्]
1. प्रयत्न, प्रयास
2. उपचार
3. भाग्य, नियति
4. विधि
5. (नाटक०) विभिन्न रसों का संघर्ष ।
परिशिष्ट