विप्रलापः [वि+प्र+लप्+घञ्]
1. व्यर्थ या निरर्थक बात, बकवास, अनाप–शनाप निस्सार2. पारस्परिक वचनविरोध, विरोधी उक्तियां3. झगड़ा, तू–तू मैं–में4. अपनी प्रतिज्ञा तोड़ना, वचन पूरा न करना ।