विप्रोषित (भू० क० कृ०) [वि+प्र+वस्+क्त]
1. पर देश में रहना, जन्मभूमि से दूर होना, अनुपस्थित2. निवासित, देशनिकालाप्राप्त रघ० १२।११।समस्त पद~भर्तृका वह स्त्री जिसका पति परदेश गया हुआ है ।