संस्कृत-शब्दकोशः

विप्रिय विप्रोषित

विप्रुष्

विप्रुष् (स्त्री०) [वि+पृष्+क्विप्]


1. (पानी या किसी अन्य द्रव की) बंद संतापं नवजलविप्रषो गहीत्वा –शि० ८।४०, स्वेदविप्रुषः – २।१८
2. चिह्न, बिन्दु, धब्बा ।


विप्रुष् (स्त्री०) बोलते समय मुंह से निकले थूक के कण ।

परिशिष्ट



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