संस्कृत-शब्दकोशः

विरहिन् विराज

विराग

विरागः [वि+रञ्ज्+ घञ्]


1. रंग का बदलना
2. वृत्तिपरिवर्तन, स्नेहाभाव, असन्तृप्ति असन्तोष –विरागकारणेषु परिहृतेषु – मुद्रा० १
3. अरुचि, इच्छा न होना
4. सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति ।



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