विरागः [वि+रञ्ज्+ घञ्]
1. रंग का बदलना2. वृत्तिपरिवर्तन, स्नेहाभाव, असन्तृप्ति असन्तोष –विरागकारणेषु परिहृतेषु – मुद्रा० १3. अरुचि, इच्छा न होना4. सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति ।