संस्कृत-शब्दकोशः

विरहित विराग

विरहिन्

विरहिन् (वि०) (स्त्री० –‘विरहिणी’) [विरह +इनि]


अनुपस्थित, अपनी प्रेयसी या प्रेमी से वियुक्त होने वाला, – नृत्यति युवतिजनेन समं सखि विरहिजनस्य दुरन्ते गीत०१।



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