विराद्ध (भू० क० कृ०) [वि+राध्+क्त]
1. विरुद्ध, प्रतिकृत2. कुपित, क्षतिग्रस्त, घृणापूर्वक व्यवहृत, उद्धरण देखिये वि पूर्वक 'राध्' के नीचे ।।