विवृद्धिः (स्त्री०) [वि+वृध्+क्तिन्]
1. बढ़ना, वर्धन, बढ़ती, विकास –ययुः शरीरावयवा विवृद्धिम् –रघु १७।४९, विवृद्धिमत्राश्नुवते वसूनि –१३।४, इसी प्रकार शोक° हर्ष° आदि2. समृद्धि ।