संस्कृत-शब्दकोशः

विवृद्ध विवेक

विवृद्धि

विवृद्धिः (स्त्री०) [वि+वृध्+क्तिन्]


1. बढ़ना, वर्धन, बढ़ती, विकास –ययुः शरीरावयवा विवृद्धिम् –रघु १७।४९, विवृद्धिमत्राश्नुवते वसूनि –१३।४, इसी प्रकार शोक° हर्ष° आदि
2. समृद्धि ।



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