विवेकः [वि+विक्+घञ्]
1. विवेचन, निर्धारण, विचारणा, विज्ञता, –काश्यपि यातस्तवापि विवेकः – भामि० १।६८, ६६, ज्ञातोऽयं जलधर तावको विवेकः–९६
2. विचार, विचारविमर्श, गवेषणा –यच्छृंगारविवेकतत्त्वमपि यत्काव्येषु लीलायितम् –गीत० १२, इसी प्रकार द्वैत° धर्म°
3. भेद, अन्तर (दो वस्तुओं में) प्रभेद – नीरक्षीर विवेके हंसालस्यं त्वमेव तनुषे चेत् –भामि० १।५३, भट्टि० १७।६०
4. (वेदान्त० में) दश्यमान जगत् तथा अदृश्य आत्मा में भेद करने की शक्ति, माया या केवल बाह्य रूप से वास्तविकता को पृथक् करना
5. सत्य ज्ञान
6. जलाशय, पात्र, जलाधार ।
समस्त पद
~ज्ञ
(वि०) विवेकशील, विवेचक,
~ज्ञानम्
विवेचन करने की शक्ति,
~दृश्वन्
(पुं०) सूक्ष्मदर्शी पुरुष,
~पदवी
पुनर्विमर्श, विचार, चिन्तन ।