विशुद्धिः (स्त्री०) [वि+शुध्+क्तिन्]
1. पवित्रीकरण, शुद्धिकरण –तदंगसंसर्गमवाप्य कल्पते ध्रुवं चिताभस्मरजो विशुद्धये –कु० ५।७९, भग० ६।१२, मनु ६।६९, ११।५३
2. पवित्रता, पूर्णपवित्रता,–रघु १।१०,१२।४८
3. याथातथ्य, यथार्थता
4. परिष्कार, भूलसुधार
5. समानता, समता ।
विशुद्धिः [विशुध्+क्तिन्]
1. ऋण परिशोध करना
2. प्रायश्चित्त ।
परिशिष्ट