विश्रम्भः [वि+श्रम्भ्+घञ्]
1. विश्वास, भरोसा, अन्तरंग विश्वास, पूर्ण घनिष्ठता या अन्तरंगता– विश्रम्भादुरसि निपत्य लब्धनिद्रां –उत्तर० १।४९, मा० ३।१
2. गुप्त बात, रहस्य– विश्रंभेष्वभ्यंतरीकरणीया –का०
3. आराम, विश्राम
4. स्नेहसिक्त परिपृच्छा
5. प्रेम-कलह, प्रीतिविषयक झगड़ा
6. हत्या ।
समस्त पद
~आलापः, ~भाषणम्
गुप्त वार्तालाप, वार्तालाप,
~पात्रम्, ~भूमिः, ~स्थानम्
विश्वास करने के योग्य पदार्थ या व्यक्ति, विश्वस्त, विश्वसनीय व्यक्ति ।