संस्कृत-शब्दकोशः

विसर विसर्जन

विसर्ग

विसर्गः [वि+सृज्+घञ्]


1. भेज देना, उद्गार
2. गिराना, उडेलना, बूँद–बूँद करके गिराना –रघु० १६।३८
3. डालना, फेंकना
4. प्रदान करना, भेंट, दान –आदानं हि विसर्गाय सतां वारिमुचामिव –रघु० ४।८६, (यहाँ शब्द का अर्थ 'उडेलना' भी है)
5. भेज देना, विसर्जन
6. परित्याग, छोड़ देना
7. उत्सर्जन, मलत्याग जैसा कि 'पुरीष विसर्ग' में
8. जुदाई, वियोग
9. मोक्ष
10. प्रकाश, ज्योति
11. लिखने में एक प्रतीक, जो स्पष्ट रूप से महाप्राण है तथा दो बिन्दु (:) लगा कर प्रकट किया जाता है
12. सूर्य का दक्षिणायन
13. लिङ्ग, शिश्न ।


विसर्गः [विसृज्+घञ्]


विनाश, सष्टि का लोप ।

परिशिष्ट



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