संस्कृत-शब्दकोशः

विसृत विसृप

विसृत्वर

विसृत्वर (वि०) (स्त्री० –‘री’) [वि+सृ+ क्वरप्, तुक्]


1. इधर उधर फैलने वाला, व्याप्त होने वाला –विसृत्वरैरंबुरुहां रजोभिः –शि० ३।११
2. रेंगना, सरकना ।



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