संस्कृत-शब्दकोशः

विस्रंसन विस्रस्त

विस्रसा

विस्रसा [वि+स्रंस्+क+टाप]


क्षय, निर्बलता, जर्जरता ।


विस्रंसा [वि+स्रंस्+घञ्]


1. नीचे गिरना
2. क्षय, शैथिल्य, कमजोरी, निर्बलता ।



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