विस्रसा [वि+स्रंस्+क+टाप]
क्षय, निर्बलता, जर्जरता ।
विस्रंसा [वि+स्रंस्+घञ्]
1. नीचे गिरना2. क्षय, शैथिल्य, कमजोरी, निर्बलता ।