वीत (भू० क० कृ०) [वि+इ+क्त]
1. गया हुआ, अंतर्हित
2. जो चला गया, बिदा हो गया
3. जिसको जाने दिया गया, ढीला, उन्मुक्त
4. अलगाया हुआ, विमुक्त किया हुआ
5. अनुमोदित, पसंद किया गया
6. युद्ध के अयोग्य
7. पालतू, शान्त
8. मुक्त, शून्य (बहुधा समास में) वीतचिंत, वीतस्पृह, वीतभी, वीतशंक आदि,
~तः
हाथी या घोड़ा जो युद्ध के अयोग्य हो या सधाया न गया हो,
~तम्
(हाथी को) अंकुश से गोदना तथा पैरों से प्रहार करना, –वीतवीतभया नागाः –कु० ६।३९ (पाठांतर–दे० इस पर मल्लि०) शि० ५।४७ ।
समस्त पद
~दम्भ
(वि०) विनम्र, विनीत,
~भय
(वि०) निर्भय, निडर
(–यः)
विष्णु का विशषण,
~मल
(वि०) पवित्र, निर्मल,
~राग
(वि०)
1. इच्छारहित –कु० ६।४३
2. निरावेश, सौम्य, शान्त
3. विवर्ण, बिना रंग का,
(–गः)
एक ऋषि जिसनें अपने रागों का दमन कर लिया था,
~शोकः
(=अशोकः) अशोक वृक्ष ।