संस्कृत-शब्दकोशः

वेडा वेणा

वेण

वेणः [वेण्+अच्]


1. गायक जाति का पुरुष –तु० मनु० १०।१९, वेणानां भांडवादनम् –१०।४९
2. एक राजा का नाम, अङ्ग का पत्र और स्वायभुव मनु का वंशज (जब वह राजा बना तो उसने सब प्रकार की पूजा व यज्ञादि को बन्द करने की घोषणा कर दी । ऋषियों ने इसका बड़ा विरोध किया, परन्तु जब उसने उनकी एक न सुनी तो उन्होंने अभिमन्त्रित कुशतृण की पत्ती से उसकी हत्या कर दी । अब देश में कोई शासक न रहा ।अतः उन्होनें उस मृतक शरीर की जंघा को मसला, तब उसमें से एक निषाद निकला जो शरीर का गिट्टा तथा चौड़े मुख वाला था । उसके पश्चात् उन्होंने उसकी दक्षिण भुजा को रगड़ा जहाँ से भव्य पृथु (दे० पृथु) का जन्म हुआ । पद्मपुराण के अनुसार वह भली भांति शासन करने लगा, परन्तु बाद में वह जैन–नास्तिकता में फंस गया । यह भी कहा जाता है कि उसने वर्णव्यवस्था में गड़बड़ी फैलाई, तु० मनु० ७।४१, ९।६६–६७) ।



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