वेत्रः [अज्+त्रल्, वी भावः]
1. वेत, नरसल2. लाठी, छड़ी, विशेष कर द्वारपाल की छडी,–वामप्रकोष्ठार्पितहेमवेत्र: –कु० ३।४१ ।समस्त पद~आसनम् बेंत की बनी गद्दी, ~धरः, ~धारकः1. द्वारपाल2. आसाधारी, छड़ीबरदार ।