वेदिः [विद् + इन्]
विद्वान् पुरुष, ऋषि, पंडित, –‘दिः’, –‘दी’ (स्त्री)
1. यज्ञकार्य के लिए तैयार की हुई भूमि, वेदी,
2. वेदी विशेष जिसके मध्यवर्ती किनारे परस्पर मिले हुए हों –मध्येन सा वेदिविलग्नमध्या –कु० १।३७ (कुछ लोग इस शब्द का अर्थ इस स्थान पर 'मोहर की अंगूठी' समझते हैं)
3. किसी मन्दिर या महल का चौकोर सहन
4. मुद्रा–अंगूठी
5. सरस्वती
6. भूखण्ड, प्रदेश ।
समस्त पद
~जा
द्रौपदी का विशेषण, क्योंकि यह राजा द्रुपद की यज्ञवेदी के मध्य से उत्पन्न हुई थी ।