वैशम्पायनः (पुं०) व्यास के एक प्रसिद्ध शिष्य का नाम । इसने अपने शिष्य याज्ञवल्क्य को कहा कि वह समस्त यजुर्वेद जो तुमने मुझसे पढ़ा है उगल दो । तदनुसार उगल देने पर वैशम्पायन के अन्य शिष्यों ने तीतर बन कर वह समस्त यजुर्वेद चाट लिया । इसी लिए यजुर्वेद की उस शाखा का नाम 'तैत्तिरीय' पड़ गया । पराणों का पाठ करने में बैशंपायन अत्यन्त और प्रसिद्ध था । कहते हैं कि उसने समस्त महाभारत का पाठ जनमेजय राजा को सुनाया ।