संस्कृत-शब्दकोशः

व्यतिरिक्त व्यतिरेकिन्

व्यतिरेक

व्यतिरेकः [वि+अति+रिच्+घञ्]


1. भेद, अन्तर
2. वियोग
3. निष्कासन, अपवर्जन
4. श्रेष्ठता, आगे बढ़ जाना, आगे निकल जाना
5. वैषम्य, असमानता
6. (तर्क० में) अनन्वय (विप० अन्वय) उदा० 'यत्र वह्निर्नास्ति तत्र धूमो नास्ति' यह व्यतिरेक व्याप्ति का उदाहरण है
7. (अलं० में) एक अर्थालंकार जिसमें किन्हीं विशेष दशाओं में उपमान की अपेक्षा उपमेय को श्रेष्ठतर बताया जाता है –उपमानाद्यदन्यस्य व्यतिरेकः स एव सः–काव्य० १० ।



Correction: