व्यथ् (भ्वा० आ० व्यथते, व्यथित)
1. शोकान्वित होना, पीडित होना, कष्टग्रस्त होना, विक्षुब्ध या अशांत होना –विश्वंभराऽपि नाम व्यथते इति जितमपत्यस्नेहेन –उत्तर० ७, न विव्यथे तस्य मनः कि० १।२, २४
2. आन्दोलित होना, दोलायमान होना –कि० ५।११
3. कांपना
4. भयभीत होना
5. सूखना, शुष्क होना, प्रेर० –(व्यथयति–ते) पीडा देना, कष्ट देना, नाराज करना, दुःखी करना –उत्तर० १।२८
प्र–
अत्यन्त क्रुद्ध होना –भग० ११।२० ।