व्यवधानम् [वि+अव+धा+ल्युट्]
1. हस्तक्षेप, अन्तःक्षेप, वियोग
2. अवरोध, दृष्टि से गुप्त रखना –दृष्टिं विमानव्यवधानमुक्तां पुनः सहस्रार्चिषि संनिधत्ते –रघु० ३३।४४
4. छिपाना, अन्तर्धान
5. पर्दा, व्यंशन
6. ढकना, आवरण –कु० ३।४४,
7. अन्तराल, अवकाश
8. (व्या० में) किसी अक्षर या मात्रा का बीच में आ पड़ना ।
व्यवधानम् [वि+अव+धा+ल्युट्]
(मीमांसा) दुरूह रचना, क्लिष्ट रचना ।
परिशिष्ट