संस्कृत-शब्दकोशः

व्रात्यचर्या व्रीड

व्री

व्री
i (क्र्या० पर० व्रिणाति-व्रीणाति) छांटना, चुनना, तु० ‘वृ०’ ।
ii (दिवा० आ० व्रीयते, व्रीण)
1. जाना, हिलना-जुलना
2. चुना जाना ।



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