शः [शो+ड]
1. काटने वाला, विनाशकर्ता –कि० १५।४५
2. शस्त्र
3. शिव,
~शम्
आनन्द –भर्तृ० २।१६ ।
शम् (अव्य०) [शम् + क्विप्]
कल्याण, आनन्द,समृद्धि
2. स्वास्थ्य को द्योतन करने वाला अव्यय, आशीर्वाद या मंगल कामना प्रकट करने के लिए प्रयुक्त (संप्र० या संबं० के साथ) शं देवदत्ताय देवदत्तस्य वा, (आधुनिक पत्रों में शुभ समाप्तिसूचक प्रयोग–इति शम्) ।
समस्त पद
~कर
दे० धातु के नीचे,
~ताति
(वि०) आनन्द प्रदान करने वाला, मंगलमय, शुभ
~पाकः
1. लाख, महावर, लाल रंग
2. पकाना, परिपक्व करना,
~भु
दे० धातु के नीचे ।
शम्
i (दिवा० पर० शाम्यन्ति, शान्त)
1. शान्त होना, चुप होना, संतुष्ट होना, प्रसन्न होना–शाम्येत्प्रत्यपकारेण नोपकारेण दुर्जनः –कु० २।४०, रघु० ७।३, शान्तो लव:–उत्तर० ६।७2.थमना, ठहरना, समाप्त होना–चिन्ता शशाम सकलाऽपि सरोरुहाणाम् –भामि० ३।७, न जातु कामः कामानामुपभोगेन शाम्यति –मनु० २।९४, 'सन्तुष्ट नहीं होता'
3. शांत होना, बुझना–शशाम वृष्ट्यापि विना दवाग्निः रघु०–२।१४, उत्तर० ५।७
4. काम तमाम करना, नष्ट करना, मार डालना (इसी अर्थ में क्या० भी) अर० (शमयति-ते. परन्तु देखना अर्थ में 'शामयति-ते' दे० शम्
ii)
1. प्रसन्न करना, उपशमन करना, शान्त करना, धीरज देना, सांत्वना देना, ढाढस बंधाना – कः शीतलैः शमयिता वचनस्तवाधिम् –भामि० ३।१, श० ५।७
2. अन्त करना, रोकना –कु० २।५६
3. हटाना, परे करना–प्रतिकूलं देवं शमयितुम् –श० १
4. दमन करना, पालतू बनाना, हराना, छीनना, परास्त करना –शमयति गजानन्यान् गन्धद्विपः कलभोऽपि सन्–विक्रम० ५।१८, रघु० ९।१२,११।५९
5. मार डालना, नष्ट करना, वध करना–वेणी० ५।५
6. शान्त करना, बुझाना – मेघ० ५३, हि० १।८८
7. त्याग देना, रुकना, थमना,
उप–
1. शान्त करना–भट्टि० २०।५
2. थमना, ठहरना, बुझना
3. हट जाना, बोलना बन्द होना
4 .परे रहना, बुझ जाना,–प्रशान्तं पावकास्त्रम् – उत्तर० ६
5. मुर्झाना, कुम्हलाना (प्रेर०)
1. सांत्वना देना, प्रसन्न करना, शान्त करना,–मनु० ८।३९१
2. दूर करना, बझाना, शीतल करना, दबा देना–त्वामासारप्रशमितवनोपप्लवम्–मेघ० १७
3. हटाना, अन्त करना–तम् (अपचारं) अन्विष्य प्रशमयेत्–रघु० १५।४७
4. जीतना, परास्त करना, वशीभूत करना–मृच्छ० १०।६०
5. प्रतिष्ठित होना, समंजन करना, स्वस्थचित्त होना –प्रशमयसि विवादं कल्पसे रक्षणाय–श० ५।८,
सम्–
1. शान्त करना
2. निराकृत होना, बुझना, लुप्त होना –सत्त्वं संशाम्यतीव मे .–भट्टि० १८।२८
3. हट जाना ।
ii (चुरा० उभ० शामयति-ते)
1. देखना, निगाह डालना, निरीक्षण करना
2. बतलाना, प्रदर्शन करना,
नि–
1. देखना, अवलोकन करना
2. सुनना, कान देना –निशामय प्रियसखि – मा० ७ ।