शकटः [शक्+अटन्]
गाड़ी, छकड़ा, भार ढोने की गाड़ी –रोहिणी शकटम् –पंच० १।२१३, २११, याज्ञ० ३।४२,
~ट:
1. सैनिक व्यूहविशेष –मनु० ७।१८७
2. एक विशेष प्रकार की तोल जो एक गाड़ी–भर बोझ या २००० पल के बराबर है
3. एक राक्षस का नाम जिसे कृष्ण ने अपने बचपन में ही, मार डाला था
4. तिनिश नामक पेड़ ।
समस्त पद
~अरिः, ~हन्
(पुं०) कृष्ण के विशेषण,
~आह्वा
रोहिणी नामक नक्षत्र (इसका आकार 'शकट' जैसा होता है),
~बिलः
जलकुक्कुट ।
शकटम् [शक्+अटन्]
गाड़ी, छकड़ा, भार ढोने की गाड़ी –रोहिणी शकटम् –पंच० १।२१३, २११, याज्ञ० ३।४२,
~ट:
1. सैनिक व्यूहविशेष –मनु० ७।१८७
2. एक विशेष प्रकार की तोल जो एक गाड़ी–भर बोझ या २००० पल के बराबर है
3. एक राक्षस का नाम जिसे कृष्ण ने अपने बचपन में ही, मार डाला था
4. तिनिश नामक पेड़ ।
समस्त पद
~अरिः, ~हन्
(पुं०) कृष्ण के विशेषण,
~आह्वा
रोहिणी नामक नक्षत्र (इसका आकार 'शकट' जैसा होता है),
~बिलः
जलकुक्कुट ।