शम्व
शयण्ड
शय
शय (वि०) (स्त्री० –‘या’, –‘यी’) [शी+अच्]
लेटने वाला, सोने वाला, (प्रायः समास के अन्त में) –रात्रिजागरपरो दिवाशयः–रघु० १९।३४, इसी प्रकार उत्तानशय, पार्श्वशय, वृक्षेशय, विलेशय आदि,
~यः
1. नींद
2. बिस्तरा, शय्या
3. हाथ
4. साँप, विशेषतः अजगर
5. दुर्वचन, कोसना, अभिशाप ।