शशिकला परि०- गुरुनिधनमनुलघुरिह शशिकला ।गण०- न, न, न, न, स (अन्तिम को छोड़ कर सब लघु) ।उदा०- “मलयजतिलकसमुदितशशिकला व्रजयुवतिलसदलिक गगनगता। सरसिजनयनहृदयसलिलनिधिं व्यतनुतु विततरभसपरितरलम् ॥”