शष्कुली [शष्+कुलच् + ङीष्]
कान का विवर, श्रवण-मार्ग – अवलम्बितकर्णशष्कुलीकलसीकं रचयन्नवोचत –नै० २।८, याज्ञ० ३।९६2. एक प्रकार की पकी हुई रोटी, याज्ञ० १।१७३3. चावल की कांजी4. कान का एक रोग ।