शंसिन् (वि०) [शंस्+इनि]
(प्रायः समास के अन्त में)
1. श्लाघा करने वाला
2. कहने वाला, घोषणा करने वाला, संसूचित करने वाला,–प्रजावती दोहदशंसिनी ते –रघु० १४।४५
3. संकेत करने वाला, पहले से कह रखने वाला –मूर्धानः क्षतहुंकारशंसिनः –कु० २।२६, प्रार्थनासिद्धिशंसिनः –रघु० १।४२, शि० ९।७७
4. शकुन बताने वाला, भविष्य कथन करने वाला –रघु० ३।१४, १२।९० ।