शस्त्रम् [शस्+ष्ट्रन्]
1. हथियार, आयुध – क्षमाशस्त्रं करे यस्य दुर्जनः किं करिष्यति – सुभा० –रघु० २।४०, ३।५१, ६२, ५।२८
2. उपकरण, औज़ार
3. लोहा
4. इस्पात,
5. स्तोत्र ।
समस्त पद
~अभ्यास:
शस्त्रास्त्रों के चलाने का अभ्यास, सैनिक व्यायाम,
~अयसम्
1. इस्पात
2. लोहा,
~अस्त्रम्
प्रहार करने और फेंक कर मारने वाले हथियार, आयुध और अस्त्र
3. आयुध या शस्त्र,
~आजीवः, ~उपजीविन्
(पुं०) पेशेवर सिपाही,
~उद्यमः
(प्रहार करने के लिए) शस्त्र उठाना,
~उपकरणम्
युद्ध के उपकरण या शस्त्रास्त्र, सैनिक सामग्री,
~कारः
शस्त्रनिर्माता
~कोषः
किसी हथियार का म्यान, आवरण,
~ग्राहिन्
(वि०) (युद्ध के लिए) शस्त्रास्त्र धारण करने वाला उत्तर० ५।३३,
~जीविन्, ~वृत्ति
(पुं०) शस्त्र प्रयोग के द्वारा जीवन यापन करने वाला, व्यावसायिक सैनिक,
~देवता
1. आयुधों की अधिष्ठात्री देवता
2.देवरूपकृत हथियार,
~धरः, ~शस्त्रभृत्, –न्यासः
हथियार डाल देना, इसी प्रकार शस्त्र (परि) त्यागः,
~पाणि
(वि०) शस्त्र धारण करने वाला, शस्त्रों से सुसज्जित (पुं०) सशस्त्र योद्धा,
~पूत
(वि०) ( 'शस्त्रों द्वारा पवित्रीकृत' युद्धक्षेत्र में मारे जाने से मुक्त–अशस्त्रपूतं निर्व्याजं (महामांसं)–मा० ५।१३ (दे० शब्द की जगद्धरकृत व्याख्या) अहमपि तस्य मिथ्याप्रतिज्ञावैलक्ष्यसंपादितमशस्त्रपूतं मरणमुपदिशामि वेणी० २,
~प्रहारः
हथियार से किया गया आघात,
~भृत्
(पुं०) सैनिक, योद्धा–रघु० २।४०,
~मार्जः
हथियार साफ़ करने वाला, शस्त्रनिर्माता, सिकलीगर,
~विद्या ~शास्त्रम्
शस्त्र विज्ञान,
~संहतिः
(स्त्री०)
1. शस्त्रसंग्रह
2. आयुधागार,
~संपातः
हथियारों का अकस्मात् गिरना,
~हत
(वि०) हथियार से मारा गया,
~हस्त
(वि०) शस्त्रधर
(–स्तः)
शस्त्रधारी मनुष्य ।
शस्त्रम् [शस्+ष्ट्रन्]
1. हथियार
2. लोहा
3. इस्पात
4. स्तोत्र ।
समस्त पद
~कर्मन्
शल्यक्रिया,
~निपातनम्
शल्यक्रिया,
~व्यवहारः
हथियार चलाने का अभ्यास ।
परिशिष्ट