संस्कृत-शब्दकोशः

शालार शालिक

शालि

शालिः [शाल्+णिनि]


चावल–न शाले: स्तम्बकरिता वप्तुर्गुणमपेक्षते –मुद्रा० १।१३, यवाः प्रकीर्णाः न भवन्ति शालयः –मृच्छ० ४।१६
2. गंधबिलाव ।
समस्त पद
~ओदनः, –नम्
भात (उत्कृष्टतर प्रकार का)
~गोपी
चावल के खेत की रखवाली करने वाली स्त्री,–रघु० ४।२०,
~चूर्णः, –र्णम्
चावल का आटा
~पिष्टम्
स्फटिक,
~भवनम्
चावल का खेत,
~वाहनः
भारत का एक विख्यात राजा जिसके नाम से ख्रिस्ताब्द ७८ में एक संवत्सर आरंभ हुआ,
~होत्रः
1. पशुचिकित्सा पर ग्रन्थप्रणेता
2. घोड़ा,
~होत्रिन्
(पुं०) घोड़ा ।



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