संस्कृत-शब्दकोशः

शुन्ध्यु शुभङ्कर

शुभ

शुभ (वि०) [शुभ् +क]


1. चमकीला, उज्ज्वल
2. सुन्दर, मनोहर –जङ्घे शुभे सृष्टवतस्तदीये–कु० १।३५
3. मांगलिक, सौभाग्यशाली, प्रसन्न, समृद्धिशाली
4. प्रमुख, भद्र, सद्गुणी–पंच० १।३५८,
~भम्
मांगलिकता, कल्याण, अच्छा भाग्य, प्रसन्नता, समृद्धि –मा० १।२३
2. अलंकार
3. जल
4. एक प्रकार की सुगंधित लकड़ी ।
समस्त पद
~अक्षः
शिव का विशेषण,
~अंग
(वि०) सुन्दर
(–गी)
1. सुन्दर स्त्री
2. कामदेव की पत्नी रति,
~अपांगा
सुन्दर स्त्री,
~अशुभम्
सुखदुःख, भला-बुरा,
~आचार
(वि०) पवित्र आचरण वाला, सदाचारी,
~आनना
मनोरम स्त्री,
~इतर
(वि०)
1. बुरा, खराब
2. अशुभ, अमांगलिक,
~उदर्क
(वि०) जिसका अन्त आनन्ददायक हो,
~कर
(वि०), कल्याणकर, मंगलप्रद,
~कर्मन्
(नपुं०) पुण्यकार्य,
~गंधकम्
एक गन्धद्रव्य, बोल,
~ग्रहः
अनुकूल ग्रह,
~दः
बटवृक्ष,
~दंती
सुन्दर दाँतों वालो,
~लग्नः, –ग्नम्
शुभ मुहूर्त, मंगल घड़ी,
~वार्ता
शुभ समाचार,
~वासनः
मुंह को सुभाषित करने वाला गंधद्रव्य,
~शंसिन्
(वि०) शुभसूचक, मंगल की सूचना देने वाला –रघु० ३।१४,
~स्थली
1. वह भवन जहाँ यज्ञों का अनुष्ठान होता हो, यज्ञभूमि
2. मंगलभूमि ।



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