संस्कृत-शब्दकोशः

शुभा शुभ्र

शुभ्

शुभ् (भ्वा० आ० शोभते)
1. चमकना, शानदार होना, सुन्दर या मनोहर दिखाई देना–सुष्ठु शोभसे एतेन विनयमाहात्म्येन–उत्तर० १, रघु० ८।६
2. लाभकर प्रतीत होना – सुखं हि दुःखान्यनुभूय शोभते–मृच्छ० १।१०
3. उपयुक्त होना, शोभा देना, योग्य होना (संबं० के साथ)–रामभद्र इत्येवोपचारः शोभते तात परिजनस्य–उत्तर० १, प्रेर० (शोभयति-ते) सजाना, संवारना, अलंकृत करना,
परि–, वि–
चमकना, शानदार दिखाई देना ।



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