संस्कृत-शब्दकोशः

शून शून्य

शूना

शूना [शिव अधिकरणे क्त, संप्र० दीर्घश्च]


1. मृदु तालु, घंटी, उपजिह्विका
2. बूचड़खाना
3. कोई भी वस्तु (जैसे कि घर गृहस्थी का कुछ सामान) जिससे जीव हिंसा होती हो (यह गिनती में पांच हैं–चूल्हा, चक्की, बुहारी, ओखली और जलपात्र)–
“पञ्च शूना गृहस्थस्य चुल्ली पेषण्युपस्करः ।
कण्डणी चोदकुम्भश्च वध्यते यास्तु वाहयन् ॥”
–मनु० ३।६८ ।



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