शृङ्खल (पुं०/नपुं०) [शृङ्गात् प्राधान्यात् स्खल्यते अनेन, पृषो०]
1. लोहे की ज़जीर, बेड़ी
2. जजीर, हथकड़ी (आलं० भी)– भट्टि० ९।९०, लीलाकटाक्षमालाशृङ्खलाभिः –दश०, संसारवासनाबद्ध शृङ्खलाम् –गीत० ३
3. हाथी के पैरों को बांधने की ज़ञ्जीर –स्तम्बेरमा मुखरशृङ्खलकर्षिणास्ते–रघु० ५।७२, कि० ७।३१
4. कमर की पेटी, करधनी
5. नापने की जजीर
6. जञ्जीर, श्रेणी, परम्परा ।
समस्त पद
~यमकम्
यमक अलङ्कार का एक भेद –दे० कि० १५।४२ ।