शृधु
शेखर
शृध्
शृध्
i (भ्वा० आ०–परन्तु लृट्, लुङ् और लृङ् में पर० भी शर्धते) अपान वायु छोड़ना, पाद मारना ।
ii (भ्वा० उभ० शर्धति-ते)
1. आर्द्र करना, गीला करना
2. काट डालना ।
iii (चुरा० उभ० शर्धयति-ते)
1. प्रयत्न करना
2. लेना, ग्रहण करना
3. अपमान करना (पाद मार कर) नकल करना, मजाक उड़ाना ।