शोभा [शुभ् +अ+टाप्]
1. प्रकाश, कान्ति, दीप्ति, चमक
2.
(क) वैभव, सौन्दर्य, लालित्य, चारुता, लावण्य–वपुरभिनवमस्याः पुष्यति स्वां न शोभाम्–श० १।१९, मेघ० ५२, ५९
(ख) नैसर्गिक सौन्दर्य, (पर्वत आदि की) गरिमा,–अद्रिशोभा –रघु० २।२७
3. अलंकार, ललित अभिव्यक्ति –शोभैव मन्दरक्षुब्धक्षुभिताम्भोधिवर्णना –शि० २।१०७
4. हल्दी
5. एक प्रकार का रंग, गोरोचना ।
समस्त पद
~अञ्जनः
एक अत्यंत उपयोगी वृक्ष, सौहंजना ।