शौचम् [शुचेर्भावः अण्]
1. पवित्रता, स्वच्छता–पंच० १।१४७
2. मलत्याग के कारण दूषित व्यक्तित्व का शुद्धीकरण, विशेषतः किसी निकट सम्बन्धी की मृत्यु होने पर (लोक-व्यवहार के अनुसार निश्चित समय पर क्षौरकर्म आदि करा कर) शुद्ध होना
3. स्वच्छ होना, निर्मल होना
4. मलत्याग करना
5. खरापन, ईमानदारी ।
समस्त पद
~आचारः, ~कर्मन्(नपुं०), ~कल्पः
शुद्धि विषयक संस्कार,
~कूपः
सण्डास, शौचालय ।
शौचम् [शुचि+अण्]
(तर्पण के लिए) जल ।
परिशिष्ट