संस्कृत-शब्दकोशः

श्रील श्रु

श्रीहर्ष

श्रीहर्ष यह नैषधचरित का प्रसिद्ध रचयिता है । इसके अतिरिक्त इसकी अन्य आठ दस रचनाएँ भि मिलती हैं । इसे प्रायः बारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुवा मानते हैं । विल्सन कहता है कि १२१३ ई० में अपने पिता कलश के पश्चात् श्रीहर्ष राजगद्दी पर बैठा । अतः रत्नावली नाटिका जो इस राजा द्वारा लिखित मानी जाती हैं अवश्य अपने राज्य काल के अन्त में १११३ से ११२५ के मध्य लिखी गई होगी । परन्तु ‘रत्नावली’ को इसके पूर्व का हि मानना पडेगा क्योंकि दशरूपमें इसके अनेक उद्धरण उपलब्ध हैं । और दशरूप दशवीं शताब्दी के अन्तिम भाग में रचा गया ।



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