श्रोतस् (नपुं०) [श्रु+असुन् तुट् च]
1. कान2. हाथी की सूँड3. ज्ञानेन्द्रिय4. सरिता, प्रवाह (‘स्रोतस्’ के स्थान पर) ।समस्त पद~रन्ध्रम् सूँड का विवर, नथुना–मेघ० ४२, ('स्रोतोरन्ध्र' भी लिखा जाता है) ।