श्वठ् (चुरा० उभ० श्वठयति-ते)1. निन्दा करना (कुछ के मतानुसार 'श्वठयति')2. (श्वाठयति-ते)(क) जाना, हिलना-जुलना(ख) अलंकृत करना(ग) समाप्त करना, सम्पन्न करना (कुछ के मतानुसार इन अर्थों में केवल 'श्वठयति') ।