संस्कृत-शब्दकोशः

श्वोवसीयस् षट्क

(वि०) [सो+क, पृषो० षत्वम्]


सर्वोत्तम , सर्वोत्कृष्ट,
~षः
1. हानि, विनाश
2. अन्त
3. शेष, अवशिष्ट
4. मोक्ष ।


वि०–बहुत सी धातुएँ जो स्' से आरंभ होती हैं, धातु पाठ में 'ष्' पूर्वक लिखी जाती है जिससे कि यह प्रकट हो सके कि कुछ उपसर्गों के पश्चात् 'स्' बदल कर 'ष्' हो जाता है । इस प्रकार की धातुएँ ‘स्’ के अन्तर्गत ही अपने उचित स्थान पर मिलेंगी ।



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