वातायनः (पुंलिङ्ग)
अर्थ− १. घोडा,२. एक मन्त्रद्रष्टा ऋषि ।
वातायनम् (नपुंसकलिङ्ग)
अर्थ− १. झ्याल,२. पींढी ।