संस्कृत-शब्दकोशः

मृक्ष् मृगणा

मृग

मृगः [मृग्+क]


1. चौपाया, जानवर –
“नाभिषेको न संस्कारः सिंहस्य क्रियते मृर्गैः ।
विक्रमार्जितराज्यस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता ॥”
दे० नी० 'मृगाधिप'
2. हरिण, बारहसिंगा– विश्वासोपगमादभिन्नगतयः शब्दं सहन्ते मृगा: –श० १।१४, रघु० १।४९, ५०, आश्रममृगोऽयं न हन्तव्य:–श० १।३, आखेट
4. चन्द्रमा का लाञ्छन जो हरिण के रूप में लगा हुआ है
5. कस्तूरी
6. खोज, तलाश,
7. पीछा करना, अनुसरण, शिकार
8. पूछ ताछ, गवेषणा,
9. प्रार्थना, निवेदन
10. एक प्रकार का हाथी
11. मनुष्यों की एक विशिष्ट श्रेणी–मृगे तुष्टा च चित्रिणी, वदति मधुरवाणीं दीर्घनेत्रोऽतिभीरुश्चपलमतिसुदेहः शीघ्रवेगो मृगोऽयम्–शब्द०
12. 'मृगशिरा' नक्षत्र
13. 'मार्गशीर्ष' का महीना
14. मकर राशि ।
समस्त पद
~अक्षी
हरिणी जैसी आंख वाली स्त्री,
~अङ्कः
1. चन्द्रमा
2. कपूर
3. हवा,
~अङ्गना
हरिणी,
~अजिनम्
मृगछाला,
~अण्डजा
कस्तूरी,
~अद् (पुं०), ~अदनः, ~अन्तकः
छोटा शेर या चीता, लकड़बग्घा,
~अधिपः, ~अधिराजः
सिंह,–केशरी निष्ठुरक्षिप्तमृगयूथो मृगाधिपः–शि० २।५३, मृगाधिराजस्य वचो निशम्य–रघु० २।४१,
~अरातिः
1. सिंह
2. कुत्ता,
~अरिः
1. सिंह
2. कुत्ता
3. शेर
4. वृक्ष का नाम,
~अशनः
सिंह,
~आविध्
(पुं०) शिकारी,
~आस्यः
मकर राशि,
~इन्द्रः
1. सिंह–ततो मृगेन्द्रस्य मृगेन्द्रगामी –रघु० २।३०
2. शेर
3. सिंह राशि
°आसनम्
सिंहासन
°आस्यः
शिव का विशेषण –
°चटकः
बाज पक्षी,
~इष्ट:
चमेली का एक भेद,
~ईक्षणा
हरिणी जैसी आंखों वाली स्त्री,
~ईश्वरः
1. सिंह
2. सिंहराशि,
~उत्तमम्, ~उत्तमाङ्गम्
मृगशिरा नक्षत्रपुंज,
~काननम्
उद्यान,
~गामिनी
एक प्रकार का औषधद्रव्य,
~जलम्
मगमरीचिका
°स्नानम्
मृगमरीचिका के जल में स्नान करना –अर्थात् असंभावना,
~जीवनः
शिकारी, बहेलिया,
~तृष्, ~तृषा, ~तृष्णा, ~तृष्णिका
(स्त्री०) मृगमरीचिका–मृगतृष्णाम्भसि स्नातः, दे० 'खपुष्प',
~दंशः, ~दंशकः
कुत्ता,
~दृश्
हरिणी जैसी आंखों वाली स्त्री–तदीषद्विस्तारि स्तनयुगलमासीन्मृगदृशः–उत्तर० ६।३५,
~द्युः
शिकारी,
~द्विष्
(पुं०) सिंह,
~धरः
चन्द्रमा,
~धूर्तः,
~धर्तकः
गीदड,
~नयना
हरिणी जैसी आँखों वाली स्त्री,
~नाभिः
1. कस्तूरी–कु० १।५४, ऋतु० ६।१२, चौर० ८, रघु० १७।२४
2. हरिण जिसकी नाभि में कस्तूरी होती है–रघु० ४।७४,
°जा
कस्तूरी,
~पतिः
1. सिंह
2. हरिण
3. शेर,
~पालिका
कस्तूरीमृग,
~पिप्लुः
चन्द्रमा,
~प्रभुः
सिंह,
~ब(व)धाजीव:
शिकारी,
~बन्धिनी
हरिणों को पकड़ने का जाल,
~मदः
कस्तूरी–कुचतटीगतो यावन्मातर्मिलति तव तोयैर्मृगमदः–गंगा० ७, मृगमदतिलकं लिखति सपुलकं मृगमिव रजनीकरे –गीत० ७,
°वासा
कस्तूरी का थैला
~मन्द्रः
हाथियों की एक श्रेणी,
~मातृका
हरिणी,
~मुखः
मकरराशि,
~यूथम्
हरिणों का झुण्ड,
~राज्
(पुं०)
1. सिंह–शि० ९।१८
2. शेर
3. सिंह राशि,
~राजः
1, सिंह–रघु० ६।३
2. सिंह राशि
3. शेर
4. चन्द्रमा
°धारिन्, °लक्ष्मन्
(पुं०) चन्द्रमा,
~रिपुः
सिंह,
~रोमम्
ऊन, –
°जम्
ऊनी कपड़ा,
~लाञ्छनः
चन्द्रमा –अङ्गाधिरोपितमृगश्चन्द्रमा मृगलाञ्छनः–शि. २।५३,
°जः
बुधग्रह,
~लेखा
चन्द्रमा में हरिण जैसी धारी–मृगलेखामुषसीव चन्द्रमाः –रघु० ८।४२.
~लोचनः
चन्द्रमा
(–ना, –नी)
हरिणी जैसी आंखों वाली स्त्री,
~वाहनः
हवा,
~व्याधः
१. शिकारी
2. तारामंडल या नक्षत्रपुंज
3. शिव का विशेषण,
~शावः
छौना, हरिण का बच्चा
~मृगशावै:
सममेधितो जनः –श० २।१८,
~शिरः, ~शिरस्(नपुं०), ~शिरा
पांचवें नक्षत्र (मृगशिरस्) का नाम जो तीन तारों का पुंज है,
~शीर्षम्
मृगशिरा नाम का नक्षत्रपुंज,
(–र्षः)
मार्गशीर्ष का महीना,
~शीर्षन्
(पुं०) मृगशिरा नाम का नक्षत्र,
~श्रेष्ठः
शेर,
~हन्
(पुं०) शिकारी ।



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