मौनिन् (वि०) (स्त्री० –‘नी’) [मौन+इनि]
चुप रहने की प्रतिज्ञा का पालन करने वाला, चुप, मूक,–भग० १२।१९–पुं० एक पुण्यशील ऋषि, संन्यासी, साघु ।