संस्कृत-शब्दकोशः

यन्त्र् यमक

यम

यमः [यम्+घञ्]


1. संयत करना, नियंत्रित करना, दमन करना
2. नियन्त्रण, संयम
3. आत्मनियन्त्रण
4. कोई महान् नैतिक कर्तव्य या धर्मसाधना (विप० नियम)–तप्तं यमेन नियमेन तपोऽमुनैव–नै० १३।१६, यम और नियम की निम्न प्रकार से भिन्नता दर्शायी गई है–
“शरीरसाधनापेक्षं नित्यं यत्कर्म तद्यमः ।
नियमस्तु स यत्कर्म नित्यमागन्तुसाधनम् ॥”
– अमर०, दे० कि० १०।१० पर मल्लि० भी; यमों की संख्या बहुधा दस बतलाई जाती है, परन्तु भिन्न भिन्न लेखकों ने उनके भिन्न भिन्न नाम दिये हैं–उदा०
“ब्रह्मचर्यं दया क्षान्तिर्दानं सत्यमकल्कता ।
अहिंसाऽस्तेयमाधुर्ये दमश्चेति यमाः स्मृताः ॥”
–याज्ञ० ३।३१३, या –
“”आनृशंस्यं दया सत्यमहिंसा क्षान्तिरार्जवम् ।
प्रीतिः प्रसादो माधुर्यं मार्दवं च यमा दश ॥”
कभी–कभी यम केवल पांच ही बताये जाते हैं–
“अहिंसा सत्यवचनं ब्रह्मचर्यमकल्कता ।
अस्तेयमिति पंचैव यमाख्यानि ब्रतानि च ॥”
5. योग प्राप्ति के आठ अंगों या साधनों में पहला साधन । आठ अंग यह है –यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टावंगानि
6. मृत्यु का देवता, मृत्यु का मूर्त रूप, यह सूर्य का पुत्र माना जाता है–दत्ताभये त्वयि यमादपि दण्डधारे – उत्तर० २।११
7. यमल–धर्मात्मजं प्रति यमौ च (अर्थात् नकुलसहदेवौ) कथैव नास्ति–वेणी. २।२५, यमयोश्चैव गर्भेष जन्मतो ज्येष्ठता मता –मनु० ९।१२६
8. जोड़े में एक
~मम्
जोड़ा, जोड़ी ।
समस्त पद
~अनुगः, ~अनुचरः
यम का सेवक या टहलुआ,
~अन्तकः
1. शिव का विशेषण
2. यम का विशेषण
~किङ्करः
यम का सेवक, मृत्यु का दूत,
~कीलः
विष्णु,
~ज
(वि०) जन्म से जुड़वा, यमल–भ्रातरौ आवां यमजौ–उत्तर० ६,
~दूतः
1. मृत्यु का दूत
2. कौवा,
~द्वितीया
कार्तिक शुक्ला दूज जब बहने अपने भाइयों का सत्कार करती हैं, भाईदूज, त० भ्रातृद्वितीया.
~धानी
यम का निवास स्थान नरः संसारान्ते विशति यमधानीजबनिकाम् –भर्तृ० ३।११२,
~भगिनी
यमुना नदी,
~यातना
मरणोपरांत पापियों को यम के द्वारा दी जाने वाली पीड़ा (कभी–कभी इस शब्द का प्रयोग 'भीषण यातनाए' या 'घोर पीडा' प्रकट करने के लिए भी किया जाता है),
~राज्
(पुं०) यम, मृत्यु का देवता,
~सभा
यमराज की न्यायसभा,
~सूर्यम्
एक भवन जिसमें केवल दो कमरे हो, एक का मुंह पश्चिम को तथा दूसरे का उत्तर को हो ।


यम (वि०) [यम्+घञ्]


1. यमल, जोडुआ
2. दोहरा,
~म:
1. प्रतिबन्ध, नियन्त्रण, दमन
2. आत्मसंयम
3. कोई नैतिक कर्तव्य (विप० नियम)
4. योग के आठ अङ्गों में से एक
5. मृत्यु का देवता
6. शनि
7. कौवा
8. 'दो' की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति
9. लगाम
10 चालक, रथवान,
~मम्
1. जोड़ा
2. संयुक्त व्यंजन,
~मी
यमुना नदी,
~मौ
(पुं०द्वि० व०)
1. युगल, जोडुआ–धृति संयमौ यमौ –कि० १।३६
2. अश्विनीकुमार ।
समस्त पद
~अनुजा
यमुना नदी,
~घण्ट:
ज्योतिष का एक अशुभ योग,
~द्रुमः
सप्तपर्ण वृक्ष,
~पटः, ~पट्टिका
कपड़े की एक पट्टी जिस पर यम, यम के अनुचर तथा नारकीय यातनाओं का चित्रण अङ्कित रहता है –यावदेतद् गृहं प्रविश्य यमपटं दर्शयन् गीतानि गायामि –मुद्रा० १।१८,
~ब्रतम्
1. यम को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखना
2. निष्पक्ष दण्ड विधान–मनु० ९।३०७,
~शासनः
शिव,यमशासनालयक्षमाधरस्पर्धनमाचचार सः–रा० च० २।१२,
~श्रायम्
यम का वासस्थान ।

परिशिष्ट



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