संस्कृत-शब्दकोशः

युवती युवानक

युवन्

युवन् (वि०) (स्त्री –‘युवतिः, –ती, यूनी’–म० अ० –यवीयस् या कनीयस्, उ० अ०–यविष्ठ या कनिष्ठ) [यौतीति युवा, यु+कनिन्]


1. तरुण, जवान, वयस्क, परिपक्वावस्था को प्राप्त
2. हृष्ट–पुष्ट, स्वस्थ
3. श्रेष्ठ, उत्तम । पुं० (कर्तृ० युवा, युवानौ, युवानः, कर्म० ब०व० यूनः, करण० ब० व० युवभिः आदि)
1. जवान आदमी, तरुण,–सा यूनित स्मिन्नभिलाषबन्धं शशाक शालीनतया न वक्तुम–रघु० ६।८१
2. छोटी सन्तान (बड़ी सन्तान जीवित रहते हुए) –जीवति तु वंश्ये युवा–पा० ४।१।११३ (दे० इस पर सिद्धा०) ।
समस्त पद
~खलति(वि०), (स्त्री० –तिः, –ती)
, जवानी में ही गंजा,
~जरत् (स्त्री० –ती)
जवानी में ही बूढ़ा दिखाई देने वाला, समय से पूर्व बूढ़ा हो जाने वाला,
~राज्,(पुं०) ~राजः
प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी, राज्याधिकारी राजकुमार, राजा का पुत्र,– (असौ) नृपेण चक्रे युवराजशब्दभाक्–रघु० ३।३५।


युवन् (वि०) [यु+कनिन्]


1. जवान
2. हृष्ट–पुष्ट
3. उत्तम,श्रेष्ठ (पुं० युवा)4. साठ वर्ष का हाथी
5. एक संवत्सर ।
समस्त पद
~जानि:
वह पुरुष जिसकी पत्नी जवान है, युवजानिर्धनुष्पाणिः भट्टि० ५।१३ ,
~पलित
(वि०) समय से पूर्व जिसके बाल पक गये हैं, –पा० २।१।६७ पर भाष्य,
~हन्
शिशु हत्या ।

परिशिष्ट



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