रट् (भ्वा० पर० रटति रटित)
1. चिल्लाना, चीत्कार करना, चीखना, क्रंदन करना, दहाड़ना, चिंघाड़ना –घोराश्चाराटिषुः शिवाः–भट्टि० १५।२७, पपात राक्षसो भूमौ रराट च भयंकरम् – १४।८१
2. जोर से बोलना, उद्घोषणा करना
3. प्रसन्नता से चिल्लाना, प्रशंसा करना
आ–
पुकारना, चिल्लाना–प्रियसहचरमपश्यंत्यातुरां चक्रवाक्यारटति–श० ४ ।