रण (पुं०, नपुं०)[रण् + अप्]
1. संग्राम, समर, युद्ध, लड़ाई –रणः प्रववृते तत्र भीमः प्लवगरक्षसाम्–रघु० १२।७२, वचोजीवितयोरासीद्वहिर्निःसरणे रणः सुभा०
2. युद्धक्षेत्र,
~ण:
1 शब्द, शोर
2. सारंगी वजाने का गज
3. गति, चाल ।
समस्त पद
~अग्रम्
युद्ध का अगला भाग,
~अंगम्
युद्धशस्त्र, शस्त्र तलवार, –संयदे शोणितं व्योम रणांगानि प्रजज्वलु:–भट्टि० १४।९६,
~अंगणम्, –नम्
युद्धक्षेत्र,
~अपेत
(वि०) युद्ध से भागने वाला, भगोड़ा–स बभार रणापेतां चमूं पश्चादवस्थिताम्–कि० १५।३३,
~आतोद्यम्, ~तूर्यम्, ~दुंदुभिः
सैनिक ढोल, मारु बाजा,
~उत्साहः
युद्ध में प्रदर्शित विक्रम,
~क्षितिः(स्त्री०), ~क्षेत्रम्, ~भूः(स्त्री०), ~भूमिः(स्त्री०), ~स्थानम्
युद्धक्षेत्र,
~धुरा
युद्ध में आगे रहना, युद्ध का वार –ताते चापद्वितीये वहति रणधुरां को भयस्यावकाशः–वेणी० ३।५,
~प्रिय
(वि०) युद्ध का शौकीन, लड़ाकू ,
~मत्तः
हाथी
~मुखम्, ~मूर्धन्(पुं०), ~शिरस्
(नपुं०)
1. युद्ध का अगला भाग, लड़ाई का मुख्य वार –श० ६।३०, ७।२६
2. सेना का अग्रभाग,
~रंकः
हाथी के दाँतों के मध्य का फासला,
~रंगः
युद्धक्षेत्र,
~रणः
डांस, मच्छर
(–णम्)
1. प्रबल इच्छा, उत्कण्ठा
2. खोई हुई वस्तु के लिए खेद,
~रणकः, –कम्
1. चिंता, बेचैनी, खेद, (किसी प्रिय वस्तु के लिए) कष्ट या संताप (प्रेम से उत्पन्न) रणरणकविवृद्धिं बिभ्रदावर्तमानम्–मा० १।४१, उत्तर० १
2. प्रेम, इच्छा
(–कः)
कामदेव,
~वाद्यम्
मारू बाजा, सैनिक संगीत बाजा,
~शिक्षा
सैन्यविज्ञान, युद्धकला, या युद्ध विज्ञान,
~संकुलम्
घोर–युद्ध, तुमुलयुद्ध,
~सज्जा
युद्ध की सामग्री, सैनिक साज–सामान
~सहायः
मित्र, सहायक,
~स्तंभः
विजयस्मारक, विजयचिह्न ।
रण (पुं०/नपुं०) [रण्+अप्]
1. युद्ध, लड़ाई
2. युद्धक्षेत्र ।
समस्त पद
~अतिथिः
युद्ध चाहने वाला अतिथि–श्लाघ्यः प्राप्तो रणातिथिः पञ्च० २।१३,
~मार्गः
युद्धक्षत्र में लड़ने की रीति,
~रणायित
(वि०.) 'रण-रण' शब्द करता हुआ,
~रसिक
(वि०) लड़ाई का इच्छुक:
~शूरः, ~शौण्डः
युद्ध कला में प्रवीण ।
परिशिष्ट